मैथिली कहानियां और लोक कथाएं (Maithili Kahaniyan Aur Lok Kathayen)
मैथिली लोक कथाएं
गोनू झा (Gonu Jha)
- गोनू झा की कुश्ती
- कोड़ों की सजा
- चार पंक्तियों में रामायण
- सूद-मूल बराबर
- पोथी हुई समाप्त
- रात का भाव
- गोनू की बहादुरी
- पंडिताइन का सहारा
- नहले पर दहला
- जैसे को तैसा
- खेत जोत गए चोर
- असम्भव हुआ सम्भव
- गुलाब की सुगन्ध
- कर्म ही पूजा है
- अथ कनौसी कथा
- बात ऐसे बनी
- पेड़ पर जेवर
- शुद्ध मिठाई का भोज
- गोनू झा की नियुक्ति
- लालच बुरी बला है भाई !
- माँ काली का वरदान
- आतिशबाजी का सामान
- भाई को सीख
- अपनों का सच
- गोनू झा को 'मृत्यु दंड'
- धन की सुरक्षा का कारण
- गोनू झा की शरण में दरबारी
- स्वर्ग से वापसी
- दाढ़ी के बाल से मुक्ति का मार्ग
- माघ अमावस्या पर ढेले का टोटका
- साधु बन गए गोनू झा
- उपदेशी को सबक
- चोरों ने तौबा कर ली
- खेत की सिंचाई
- आँखों की तौल
- कंजूस राजा को नसीहत
- मिथिला से चोरों का सफाया
- ठग उन्मूलन अभियान
- गंगा का आशीर्वाद
- कृतघ्न प्राणी
- दूध से भागने वाली बिल्ली
- अन्धों की सूची में महाराज
- अथ श्रीबैल कथा
- बौराये भोनू का बचाव
- धान का चढ़ावा
- गोनू झा हुए पराजित
- पड़ोसी का पीढ़ा
- समान वितरण व्यवस्था
- गोनू झा और सच्ची गप्प
- गोनू झा मरे! गांव को पढ़े!!
- गोनू झा की चतुराई