Acharya Mayaram Patang (आचार्य मायाराम पतंग)
आचार्य मायाराम पतंग (26 जनवरी 1940 – 11 सितम्बर 2023) का जन्म ग्राम नवादा, डा. गुलावठी, जिला बुलंदशहर में हुआ।
शिक्षा:
एम.ए. (दिल्ली), प्रभाकर, साहित्य रत्न, साहित्याचार्य, शिक्षा शास्त्री।
कृतित्व एवं योगदान:
कविता: ‘गीत रसीले’, ‘गीत सुरीले’, ‘चहकीं चिड़ियाँ’
नैतिक शिक्षा: ‘अच्छे बच्चे सीधे सच्चे’, ‘व्यवहार में निखार’, ‘चरित्र निर्माण’, ‘सदाचार सोपान’, ‘पढ़ै सो ज्ञानी होय’
शिक्षण साहित्य: ‘व्याकरण रचना’ (चार भाग), ‘ऑस्कर व्याकरण भारती’ (आठ भाग), ‘भाषा माधुरी प्राथमिक’ (छह भाग), ‘बच्चे कैसे हों?’, ‘शिक्षक कैसे हों?’, ‘अभिभावक कैसे हों?’
अन्य: ‘पढ़ैं नर-नार, मिटे अँधियार’ (गद्य); ‘श्रीराम नाम महिमा’, ‘मिलन’ (खंड काव्य); विभिन्न वंदना, उत्सव व विद्यालय गीत संग्रह।
सम्मान एवं संप्रति:
1996 में हिंदी अकादमी, दिल्ली तथा 1997 में दिल्ली राज्य सरकार द्वारा सम्मानित। ‘सेवा समर्पण’ मासिक में लेखन एवं परामर्शदाता, राष्ट्रवादी साहित्यकार संघ (दि.प्र.) के अध्यक्ष तथा संपादक ‘सविता ज्योति’ रहे।