Sharmila Bohra Jalan / शर्मिला बोहरा जालान
शर्मिला जालान (7 जुलाई 1973 - ) उपन्यासकार और कथाकार हैं। इनका जन्म बोहरा राजस्थानी (सूरजगढ़) व्यवसायी मारवाड़ी परिवार में दरभंगा (बिहार) में हुआ। कलकत्ता विश्वविद्यालय से उन्होंने हिन्दी में एम.ए. और असाधारण रचनाकार कृष्णा सोबती के उपन्यासों में 'परिवार और स्त्री' पर एम.फिल. किया।
कोलकाता प्रवास में श्री अशोक सेकसरिया, किशन पटनायक, श्री प्रयाग शुक्ल, श्री प्रबोध कुमार श्रीवास्तव, श्री नंदकिशोर आचार्य, प्रभाकर सिन्हा, अलका सरावगी, व विवाह के बाद अमित जालान का सानिध्य, सहयोग, मार्गदर्शन और स्नेह मिलता रहा है।
प्रकाशित कृतियाँ (पाँच पुस्तकें):
उपन्यास: 1. शादी से पेशतर (2001 - राजकमल प्रकाशन), 2. उन्नीसवीं बारिश (2022 - सेतु प्रकाशन)
कहानी संग्रह: 1. बूढ़ा चांद (2008 - भारतीय ज्ञानपीठ), 2. राग विराग और अन्य कहानियां (2018 - वाग्देवी प्रकाशन), 3. माँ, मार्च और मृत्यु (2019 - सेतु प्रकाशन)। ('बूढ़ा चांद' कहानी पर मुम्बई, पटना आदि कई स्थानों पर 20-22 मंचन हो चुके हैं।)
सम्मान व फ़ेलोशिप:
• भारतीय भाषा परिषद युवा पुरस्कार (2004)
• कृष्ण बलदेव वैद फ़ेलोशिप (2019)
• कन्हैयालाल सेठिया सारस्वत सम्मान (2017)
• कलकत्ता साहित्य प्रतियोगिता, राजश्री स्मृति न्यास द्वारा समकालीन सृजन गद्य रचना में प्रथम पुरस्कार (1997)
संपर्क: मो. 09433855014 | ईमेल: sharmilajalan@gmail.com