पर्ल एस. बक (जून 26, 1892 – मार्च 6, 1973) एक अमेरिकी लेखिका और उपन्यासकार थीं। बक एक मिशनरी की बेटी थीं और उन्होंने अपने पिता के साथ और उनके देहांत के बाद भी ज़िंदगी का लंबा हिस्सा चीन के झेन्जियांग में बिताया। चीन की सामाजिक पृष्ठभूमि पर लिखा उनका उपन्यास 'द गुड अर्थ' अमेरिका में 1931 और 1932 के बीच बेस्टसेलर रहा और इस उपन्यास को 1932 में पुलित्ज़र पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसी उपन्यास के लिए 1938 में उन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
प्रमुख रचनाएँ: सन् 1932 में 'द गुड अर्थ' के प्रकाशन के समय पर्ल एस. बक, 'ईस्ट विंड वेस्ट विंड' (1930), 'द हाउस ऑफ़ अर्थ' (1930), 'द गुड अर्थ' (1931), 'संस' (1933), 'द हाउस डिवाइडेड' (1935), 'द मदर' (1933), 'चाइना स्काई' (1941), 'ड्रैगन सीड' (1942), 'इंपीरियल वुमन' (1956), 'लेटर फ्रॉम पेकिंग' (1957), 'सेटन नेवर स्लीप्स' (1962)।
सम्मान: 1932: पुलित्ज़र पुरस्कार, 1938: नोबेल पुरस्कार।