Na. Parthasarathy ना. पार्थसारथी
ना. पार्थसारथी (तमिल நா. பார்த்தசாரதி) (18 दिसंबर 1932 – 13 दिसंबर 1987) तमिल भाषा के विख्यात साहित्यकार हैं। वे पत्रकार भी थे, 'कल्की', 'दिनमणिकदिर' आदि पत्रिकाओं में काम करने के बाद उन्होंने अपनी खुद की पत्रिका निकाली, जिसका नाम 'दीबम' था। इसलिए उन्हें 'दीवम् पार्थसारथी' भी कहते हैं। उनकी रचनाओं की कथावस्तु ऐतिहासिक, तमिल संस्कृति को प्रतिबिंबित करनेवाली, यहाँ के आचार-विचार से संबंधित है तो लघुकथाओं में मुख्यतः सामाजिक समस्याओं पर व्यंग्य देखा जा सकता है। उन्होंने अपनी रचनाओं द्वारा स्वच्छ राजनीति की कल्पना की है। इनके द्वारा रचित एक उपन्यास समुदाय वीधि के लिये उन्हें सन् 1971 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
