Ardhanareeshwar (Nibandh Sangrah) : Ramdhari Singh Dinkar
अर्धनारीश्वर (निबन्ध संग्रह) : रामधारी सिंह 'दिनकर'
- आमुख-अर्धनारीश्वर : रामधारी सिंह 'दिनकर'
- मन्दिर और राजभवन : रामधारी सिंह 'दिनकर'
- और चाहिए किरण जगत को और चाहिए चिनगारी : रामधारी सिंह 'दिनकर'
- दीपक की लौ अपनी ओर : रामधारी सिंह 'दिनकर'
- हड्डी का चिराग : रामधारी सिंह 'दिनकर'
- महाकाव्य की वेला : रामधारी सिंह 'दिनकर'
- कविता का भविष्य : रामधारी सिंह 'दिनकर'
- नई कविता के उत्थान की रेखाएँ : रामधारी सिंह 'दिनकर'