प्रेमचन्द के फटे जूते (पुस्तक) : हरिशंकर परसाई
Premchand Ke Phate Joote (Book) : Harishankar Parsai
- आँगन में बैंगन (व्यंग्य)
- अन्न की मौत (व्यंग्य)
- असहमत (व्यंग्य कथा)
- बुद्धिवादी (व्यंग्य कथा)
- दो नाक वाले लोग (व्यंग्य कथा)
- एक मध्यमवर्गीय कुत्ता (व्यंग्य कथा)
- घायल वसंत (व्यंग्य)
- इंस्पेक्टर मातादीन चांद पर (व्यंग्य कथा)
- कहावतों का चक्कर (व्यंग्य)
- कंधे श्रवणकुमार के (व्यंग्य)
- मैं नर्क से बोल रहा हूं ! (व्यंग्य कथा)
- मुक्तिबोध : एक संस्मरण
- निंदा रस (व्यंग्य)
- पवित्रता का दौरा (व्यंग्य)
- पहला सफेद बाल (व्यंग्य)
- प्रेमचंद के फटे जूते (व्यंग्य)
- पुराना खिलाड़ी (व्यंग्य कथा)
- सदाचार का तावीज़ (व्यंग्य कथा)
- तीसरे दर्जे के श्रद्धेय (व्यंग्य)
- ठिठुरता हुआ गणतंत्र (व्यंग्य)
- टार्च बेचनेवाले (व्यंग्य कथा)