Puran Mudgal / पूरन मुद्गल
पूरन मुद्गल (24 दिसंबर 1931 - 11 नवंबर 2019) हरियाणा से जुड़े प्रमुख साहित्यकार थे। उन्होंने साहित्य की विभिन्न विधाओं - कविता, लघुकथा, संस्मरण, कहानी, जीवनी आदि में अपनी कलम चलाई और 18 पुस्तकें रचीं।
उनका जन्म फाजिल्का, पंजाब में हुआ था। वे रेवाड़ी क्षेत्र से संबंध रखते थे। उनके पिता मातादीन शिक्षक थे और स्वयं श्री मुद्गल ने भी शिक्षण क्षेत्र में सराहनीय कार्य किए तथा खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) के रूप में सेवानिवृत्त हुए।
कृतियाँ: अश्व लौट आएगा (1985), ठहरा हुआ सच (1992), एक चिड़िया उसके भीतर (2004), नचिकेता अपना अपना (2009) – सभी कविता-संग्रह; जागो (1993) – गीत-संग्रह; तथा शब्द के आठ कदम।
पुरस्कार: बाबू बालमुकुन्द गुप्त सम्मान, राष्ट्रीय हिन्दी सेवी सहस्त्राब्दि सम्मान एवं अन्य विविध पुरस्कार।