बलाई चंद मुखोपाध्याय 'बनफूल'
(Balai Chand Mukhopadhyay)
बलाई चंद मुखोपाध्याय 'बनफूल' (१९ जुलाई, १८९९ – ९ फरवरी, १९७९) बंगाली भाषा के उपन्यासकार, लघु कथाकार, नाटककार, कवि और चिकित्सक थे, जिन्होंने अपने कलमी नाम 'बनफूल' (जंगली फूल) के नाम से साहित्य की रचना की। उन्हें पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया। उनका जन्म गाँव मनिहारी, जिला पूर्णिया (अब कटिहार जिला), बिहार में हुआ। उनके पिता, सत्यचरण मुखोपाध्याय, डॉक्टर थे, और उनकी माँ मृणालिनी देवी थीं। उन्होंने मूल रूप से अपनी साहित्यिक गतिविधियों को अपने शिक्षक से छिपाने के लिए 'बनफूल' नाम रख लिया था। अपनी मेडिकल डिग्री पूरी करने के बाद, उन्होंने अजीमगंज अस्पताल में अभ्यास किया और फिर भागलपुर में रोगविज्ञानी के रूप में काम किया। उन्होंने हजारों कविताएँ, ५८६ लघु कथाएँ, ६० उपन्यास, ५ नाटक, कई एकांकी नाटक, एक आत्मकथा और कई निबंध लिखे।