Akhtar Mohiuddin / अख़्तर मोहिउद्दीन
अख़्तर मोहिउद्दीन (१७ अप्रैल १९२८ - २००१), इनका जन्म का नाम गुलाम मोहिउद्दीन वानी था; कश्मीरी उपन्यासकार, नाटककार और लघु कथाकार थे, जिन्होंने आधुनिक कश्मीरी साहित्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके उपन्यास, 'डोड दाग' को कश्मीरी में लिखा और प्रकाशित पहला उपन्यास माना जाता है। उन्हें उनके लघु कहानी संग्रह 'सथ संगर' के लिए १९५८ में साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला। उनका प्रारंभिक लेखन उर्दू में था। 'सथ संगर' और 'सोंजाल' उनकी कहानियों के प्रमुख संग्रह हैं। उन्होंने कुछ नाटक भी लिखे। मानव स्वभाव का चित्रण और मानवीय संवेदनाओं को संभालना उनके लेखन की मुख्य विशेषताएँ हैं। १९६८ में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया।