Syed Muhammad Ashraf / सय्यद मोहम्मद अशरफ़
सय्यद मोहम्मद अशरफ़ (1957 - ) भारतीय सेवानिवृत्त सिविल सेवक (आईआरएस) और एक प्रतिष्ठित उर्दू उपन्यासकार और लघु-कथा लेखक हैं। वह भारत में उर्दू भाषा में सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले पहले व्यक्ति हैं। उन्होंने उपन्यास और लघु कथाओं के कई संग्रह लिखे हैं। उनकी कुछ कहानियों का अंग्रेजी और अन्य भाषाओं में अनुवाद किया गया है। उन्हें 2018 में मजलिस-ए-फरोग-ए-उर्दू कतर द्वारा आलमी फरोग-ए-उर्दू अदब पुरस्कार मिला है। इनके द्वारा रचित कहानी–संग्रह 'बादे सबा का इंतिज़ार' के लिये इन्हें सन् 2003 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इन्होंने उर्दू में पहली बार जानवरों और ग़ैर जानदार वस्तुओं को केन्द्रीय पात्रों के रूप में प्रस्तुत किया।