Pannalal Patel / पन्नालाल पटेल
पन्नालाल पटेल (जन्म: 7 मई, 1912, राजस्थान; मृत्यु: 5 अप्रैल, 1989, गुजरात) गुजराती भाषा के जाने-माने साहित्यकार थे। उन्हें 'रणजितराम पुरस्कार' तथा प्रतिष्ठित 'ज्ञानपीठ पुरस्कार' से सम्मानित किया गया था। उन्होंने 20 से अधिक लघु कहानी संग्रह लिखे, जैसे सुखदुखना साथी (1940) और वत्रकने कंठे (1952), और 20 से अधिक सामाजिक उपन्यास, जैसे कि मलेला जीव (1941), मानविनी भवई (जीवन एक नाटक) - 1947 और भंग्याना भेरू (1957), तथा कई पौराणिक उपन्यास। उन्हें 1985 में मानविनी भवई के लिए ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला। उनकी कुछ रचनाओं का अनुवाद और साथ ही नाटकों और फिल्मों में रूपांतरण किया गया है। पन्नालाल पटेल के प्रकाशन कार्य में उपन्यास, कहानियाँ, नाटक, जीवनी, बच्चों के साहित्य और विविध प्रकार के अन्य लेख भी शामिल हैं। उनके साहित्य का भारत की लगभग सभी भाषाओं में अनुवाद हो चुका है।