Jataka Kathayen जातक कथाएँ
जातक या जातक पालि या जातक कथाएं बौद्ध ग्रंथ त्रिपिटक का सुत्तपिटक अंतर्गत खुद्दकनिकाय का १०वां भाग हैं। इन कथाओं में भगवान बुद्ध के पूर्व जन्मों की कथायें हैं। जो मान्यता है कि खुद गौतमबुद्ध जी के द्वारा कही गए हैं, हालांकि की कुछ विद्वानों का मानना है कि कुछ जातक कथाएँ, गौतमबुद्ध के निर्वाण के बाद उनके शिष्यों द्वारा कही गयी हैं। प्रत्येक कथा में महात्मा बुद्ध का एक संदेश छिपा है। इनसे सिद्ध होता है कि प्राणी के सद्कार्य उसे किसी न किसी जन्म में अवश्य ही बुद्ध बना देते हैं। प्रत्येक व्यक्ति बुद्ध बन सकता है। वह उस संभावना को कैसे दिशा दे, यह भी बताती हैं ये कहानियां। बुद्ध ने कर्मों पर जोर दिया है। इसलिए इन कहानियों में यह भी दिया गया है कि कौन से कर्म करने योग्य हैं और किन्हें नहीं करना चाहिए। इस प्रकार प्रस्तुत पु्स्तक में महात्मा बुद्ध द्वारा कही गई ऐसी कथाएं हैं जो व्यक्ति को नैतिकता सत्य, धर्म, प्रेम और भाईचारे का संदेश देती हैं।
जातक कथाएँ-महात्मा बुद्ध
- परिचय जातक कथाएँ
- चाँद पर खरगोश
- बुद्धि का चमत्कार
- दो हंसों की कहानी
- बुद्धिमान् वानर
- छद्दन्त हाथी
- उल्लू का राज्याभिषेक
- बंदर का हृदय
- बुद्धिमान् मुर्गा
- चमड़े की धोती
- दानव-केकड़ा
- इसिसंग का प्रलोभन
- दैत्य का संदूक
- बावेरु द्वीप
- चंपेय्य नाग
- घतकुमार
- आम चोर
- गूंगा राजकुमार
- बौना तीरंदाज
- ढोल बजाने वाला
- सोने का हंस
- रुरु मृग की कथा
- लक्खण मृग
- महाकपि का बलिदान
- संत भैंसा और नटखट बंदर
- सीलवा हाथी और लोभी मित्र
- कपिराज
- कौवों की कहानी
- महान मर्कट
- महान् मत्स्य
- सिंह और सियार
- सोमदन्त
- कालबाहु
- नन्दीविसाल
- निग्रोध मृग
- श्राद्ध-संभोजन
- वानर-बन्धु
- कबूतर और कौवा
- रोमक कबूतर
- रुरदीय हिरण
- व्याघ्री-कथा
- कछुए की कहानी
- कृतघ्न वानर
- मूर्ख बुद्धिमान
- सँपेरा और बंदर
- सियार न्यायधीश
- क्रोध-विजयी चुल्लबोधि
- महिलामुख हाथी
- वेस्सन्तर का त्याग
- विधुर
- विनीलक
- कुशीनगर की कहानी
- मातंग
- महाजनक का संयास
- सहिष्णुता का व्रत
- शक्र की उड़ान
- कंदरी और किन्नरा
- कुशल-ककड़ी
- सिवि का त्याग
- सुरा-कुंभ
- नागराज संखपाल
- नाविक सुप्पारक
- कुशल जुआरी
- मणिवाला साँप
- निश्छल गृहस्थ
- पैरों के निशान पढ़ने वाला
- पेट का दूत
- सुदास
- सुतसोम
- जानवरों की भाषा जानने वाला
- साम
- सुखबिहारी
- फुस्स बुद्ध
- विपस्सी बुद्ध
- शिखि बुद्ध
- वेस्सभू बुद्ध
- ककुसन्ध बुद्ध
- कोनगमन बुद्ध
- कस्सप बुद्ध
- मेत्रेयः भावी बुद्ध
Jataka Tales - Mahatama Buddha
- Introduction Jataka Kathayen
- Buddhi Ka Chamatkar
- Do Hanson Ki Kahani
- Ruru Mrig Ki Katha
- Buddhiman Vaanar
- Chand Par Khargosh
- Chhaddanta Hathi
- Lakkhan Mrig
- Mahakapi Ka Balidan
- Sant Bhainsa Aur Natkhat Bandar
- Silava Hathi Aur Lobhi Mitra
- Kapiraj
- Kauvon Ki Kahani
- Mahan Markat
- Mahan Matsya
- Sinh Aur Siyar
- Somdant
- Sone Ka Hans
- Kalbahu
- Nandivisal
- Nigrodh Mrig
- Shradh-Sambhojan
- Ullu Ka Rajyabhishek
- Vaanar-Bandhu
- Bandar Ka Hridya
- Buddhiman Murga
- Kabootar Aur Kauva
- Romak Kabootar
- Rurdiya Hiran
- Vyaghri-Katha
- Chamde Ki Dhoti
- Kachhuye Ki Kahani
- Kritghan Vaanar
- Moorakh Buddhiman
- Sampera Aur Bandar
- Siyar Nyayadhish
- Daanav Kekda
- Krodh-Vijayi Chullbodhi
- Mahilamukh Hathi
- Vessantar Ka Tyag
- Vidhur
- Vineelak
- Isisang Ka Pralobhan
- Kushinagar Ki Kahani
- Maatang
- Mahajanak Ka Sanyas
- Sahishnuta Ka Vrat
- Shakra Ki Udaan
- Daitya Ka Sandook
- Kandari Aur Kinnara
- Kushal-Kakdi
- Sivi Ka Tyag
- Sura-Kumbh
- Baveru Dweep
- Champeyya Naag
- Ghatkumar
- Naagraj Sankhpal
- Navik Supparak
- Aam Chor
- Goonga Rajkumar
- Kushal Juari
- Maniwala Saamp
- Nishchhal Grihastha
- Bauna Teerandaaj
- Pairon Ke Nishan Padhne Wala
- Pet Ka Doot
- Sudas
- Sutsom
- Dhol Bajane Wala
- Janwaron Ki Bhasha Janane Wala
- Saam
- Sukhbihari
- Phussa Buddha
- Vipassi Buddha
- Shikhi Buddha
- Vessabhu Buddha
- Kakusandha Buddha
- Konagamana Buddha
- Kassapa Buddha
- Metteya/Maitreya Buddha