Vaikom Muhammad Basheer / वैक्कम मुहम्मद बशीर
लोकप्रिय कथाकार वैक्कम मुहम्मद बशीर (१९१०-१९९४) का जन्म केरल के कोट्टयम् जिले के वैक्कम् में हुआ था। पाठशाला में अध्ययन के दौरान नमक सत्याग्रह में भाग लेने कोषिक्कोड् गए और फिर बेप्पूर में रहने लगे। लोग अपने प्रिय कथाकार को ‘बेप्पूर सुल्तान’ पुकारते थे। ‘पात्तुम्मयुटे आड्’ (पात्तुम्मा की बकरी), ‘बाल्यकालसखी’, ‘न्टुप्पाप्पाक्कोरानेंटान्नू’ (मेरे दादा के एक हाथी था), ‘शब्दंगल्’ (शब्द), ‘मतिलुकल्’ (दीवारें) सहित उनकी ३२ कृतियाँ प्रकाशित हैं। साहित्य-सेवा के लिए उन्हें ‘केंद्र साहित्य अकादेमी पुरस्कार’, केरल तथा केंद्र साहित्य अकादेमी की महत्तर सदस्यता एवं १९८२ में भारत सरकार द्वारा ‘पद्मश्री’ से सम्मानित किया गया था।