Upendranath Gangopadhyay / उपेन्द्रनाथ गंगोपाध्याय
उपेन्द्रनाथ गंगोपाध्याय (१२ अक्टूबर, १८८१ – ३० जनवरी, १९८०) का जन्म भागलपुर में पिता महेन्द्रनाथ गंगोपाध्याय के घर हुआ था। आपने कलकत्ता विश्वविद्यालय से बी.ए., एल.एल.बी. की तथा सन् १९१९ से १९२५ तक भागलपुर में वकालत की। इसके पश्चात १९२५ से १९३० तक आपने अधुनालुप्त विख्यात बांग्ला मासिक पत्रिका 'विचित्रा' का संपादन किया।
सन् १९१२ में आपके प्रथम प्रकाशित गल्पग्रंथ 'सप्रक' और 'शशिनाथ' आए। मात्र १२ वर्ष की आयु में 'सखा ओ साथी' नामक बांग्ला मासिक में 'सन्ध्या' नामक एक कविता लिखकर आपने साहित्य सृजन आरंभ किया था। आपके प्रमुख प्रकाशित ग्रंथों में—'राजपथ', 'छद्मवेशी', 'दिक्सूल', 'अमूलतत', 'नवग्रह', 'अमला', 'विदुषीभार्या', 'अभिज्ञान', 'शशिनाथ' और 'स्मृतिकथा' (४ खंड) आदि सम्मिलित हैं। वर्ष १९७५ में बनी प्रसिद्ध हिंदी फिल्म 'चुपके चुपके' उपेन्द्रनाथ गंगोपाध्याय की कथा 'छद्मवेशी' पर ही आधारित है।