Surendra Parkash / सुरेंद्र प्रकाश

सुरेंद्र प्रकाश (26 मई 1930 - 09 नवंबर 2002) का मूल नाम सुरेंद्र कुमार ओबरॉय था। उनका जन्म पाकिस्तान के फैसलाबाद में हुआ था। वह उर्दू के अग्रणी लेखकों में गिने जाते हैं। उन्होंने 1989 में अपने संकलन 'बाज़गोई' के लिए प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी पुरस्कार जीता था। उनके अन्य उत्कृष्ट संकलनों में 'दूसरे आदमी का ड्राइंग रूम', 'बर्फ़ पर मुकालमा' और 'हाज़िर हाल जारी' शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने कोई औपचारिक शिक्षा नहीं ली थी। वे अपनी कहानियों में अत्यधिक बोधगम्य प्रतीकों के प्रयोग के लिए जाने जाते हैं।

सुरेंद्र प्रकाश

सुरेंद्र प्रकाश - कहानियाँ हिन्दी में

Surendra Parkash - Stories in Hindi