Romain Rolland
रोमां रोलां

रोमां रोलां (१८६६ ई. – १९४४ ई.) नोबेल पुरस्कार से सम्मानित फ्रांसीसी लेखक और नाटककार थे। उनका जन्म मध्य फ्रांस के एक गाँव में हुआ था। उन्होंने पेरिस और रोम में शिक्षा पाई थी। वे सूरबन विश्वविद्यालय पेरिस में प्रोफेसर नियुक्त हुए। उन्होंने लिओ तालस्तोय, महात्मा गांधी, माइकल एंजेलो, आदि महत्वपूर्ण शख्सियतों की जीवनियाँ भी लिखीं। वे समाजवाद के समर्थक थे। सन् १९१५ में नोबेल पुरस्कार से पुरस्कृत होने से पूर्व इन्हें कई पुरस्कार और सम्मान प्राप्त हो चुके थे। सन् १९१३ में फ्रांस ने इन्हें 'ग्रैंड प्रिक्स' की उपाधि से विभूषित किया था। रोम्यां रोलां का भारतवर्ष से विशेष रूप से संपर्क तथा संबंध रहा; इन्होंने 'महात्मा गांधी - द मैन हू विकेम वन विद द यूनिवर्स' और रामकृष्ण परमहंस तथा विवेकानंद की जीवनियाँ लिखकर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाई थी।

इनको पुरस्कार देते हुए स्वीडिश अकादेमी ने कहा था, "इनकी साहित्यिक रचनाओं के ऊँचे आदर्श के सम्मानस्वरूप तथा उस सहानुभूति और सत्य के प्रेम के लिए, जिसके द्वारा इन्होंने नाना प्रकार के मनुष्यों का वर्णन किया है, इन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया जाता है।"

रोम्यां रोलां की प्रमुख पुस्तकें हैं - 'जां क्रिस्तोफ', 'प्राफेट्स ऑफ ए न्यू इंडिया', 'द जर्नी विदिन', 'एसेज ऑन म्यूजिक' आदि।

रोमां रोलां (Romain Rolland)

रोमां रोलां की कहानियाँ, उपन्यास हिन्दी में
Stories/Novels in Hindi: Romain Rolland