Rachakonda Viswanatha Sastri (Ravi Sastri) / राचकोंड विश्वनाथ शास्त्री (रावि शास्त्री)
राचकोंड विश्वनाथ शास्त्री (रावि शास्त्री) (३० जुलाई १९२२ - १० नवंबर १९९३) तेलुगु भाषा के प्रख्यात लेखक, उपन्यासकार, कहानीकार, नाटककार और अभिनेता थे। आप पेशे से विशाखापट्टणम के एक प्रमुख वकील थे।
आपकी गद्यशैली काव्यात्मक एवं प्रवाहमयी है। आपके साहित्य की मूल चेतना वर्गसंघर्ष पर आधारित है। आपने अपने कथा-साहित्य में तेलुगु की आंचलिक भाषा का भी जीवंत प्रयोग किया है। आपकी कई कहानियाँ भारत की ही नहीं अपितु विदेशी भाषाओं में भी अनूदित हो चुकी हैं।
उनकी प्रमुख रचनाओं में उपन्यास और कहानी-संग्रह — 'कथासागरम', 'अरु सारा कदलू', 'रचकोंडा कथालु', 'अरु दु:ख कथालु', 'राजू महिषी', 'कलाकांति', 'बनिसा कथालू', 'रुक्कुलु', 'रत्तलु - रामबाबू', 'सोमुलु पोनयंडी', 'गोवलोस्तुन्नय जाग्रट्टा', 'बंगाराम' और 'अल्पजीवी' (तेलुगु: अल्पजीवी) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त आपके प्रमुख नाटकों में 'निजाम - नाटकम', 'तिरस्कृतुथी - नाटिका' और 'विशादम - नाटिका' विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।