Palagummi Padmaraju / पालगुम्मि पद्मराजू
पालगुम्मि पद्मराजू (२४ जून १९१५ - १७ फरवरी १९८३) तेलुगु के प्रसिद्ध लेखक और साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित साहित्यकार हैं। उन्हें तेलुगु साहित्य और तेलुगु सिनेमा दोनों क्षेत्रों में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए जाना जाता है। उनका जन्म आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले के तिरुपतिपुरम में हुआ था। उन्होंने १९३९ और १९५२ के बीच गवर्नमेंट पी.आर. कॉलेज, काकीनाडा में विज्ञान व्याख्याता के रूप में भी सेवा दी थी। उनके छोटे भाई पालगुम्मि विश्वनाथम एक प्रतिष्ठित वीणा वादक, संगीतकार और गीतकार हैं।
उनकी पहली कहानी का शीर्षक 'सुब्बी' था। उन्होंने लगभग साठ लघु कथाएँ लिखी हैं, जो मुख्यतः तीन खंडों में प्रकाशित हुई हैं — जिनके शीर्षक 'गैलीवाना', 'पड़वा प्राणम' और 'एडुरुचुसीना मुहूर्तम' हैं। मानवीय संवेदनाओं और जीवन के यथार्थ को उकेरने में उनकी लेखनी अत्यंत सिद्धस्थ रही है।