Mahabaleshwar Sail / महाबळेश्वर सैल

प्रतिष्ठित सरस्वती सम्मान पुरस्कार से सम्मानित महाबळेश्वर सैल का जन्म कारवार जिले के भाजाळी गाँव में हुआ। वह १७ साल की उम्र में भारतीय सेना में शामिल हुए। वर्ष १९६० के भारत-पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध में भाग लिया। उनका 'तरंगां' कथा संग्रह वर्ष १९९४ में साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित हुआ। वे कोंकणी साहित्य के सर्वश्रेष्ठ लेखकों में से एक हैं।

Mahabaleshwar Sail / महाबळेश्वर सैल

महाबळेश्वर सैल - कोंकणी कहानियाँ हिन्दी में

Mahabaleshwar Sail - Konkani stories in Hindi