Lalithambika Antharjanam / ललितांबिका अंतर्जनम्
मलयालम की अग्रगण्य कथाकार ललितांबिका अंतर्जनम् (१९०९–१९८७) का जन्म केरल के कोल्लम् जिले के कोट्टारक्करा में हुआ। गृहस्वामिनी रहते हुए उन्होंने लेखन-कार्य को अपनाया। उन्होंने कविता, कहानी तथा उपन्यास लिखे। ‘अग्निसाक्षी’ उनकी सर्वोत्कृष्ट औपन्यासिक कृति है। ‘ललितांबिका अंतर्जनंतिंटे कथकल्-संपूर्ण’ (ललितांबिका अंतर्जनम् की कहानियाँ - संपूर्ण) प्रकाशित एवं चर्चित हैं। साहित्य-सेवा के लिए उन्हें ‘वयलार अवार्ड’, ‘ओडक्कुषल् अवार्ड’, ‘केंद्र साहित्य अकादेमी पुरस्कार’ प्राप्त हुए। ‘अग्निसाक्षी’ उपन्यास के लिये उन्हें सन् १९७७ में मलयालम भाषा के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।