होवान्स तूमानियान (1869-1923) का जन्म आर्मेनिया के दशेश इलाके के एक गांव में, पादरी परिवार में हुआ था। उन्होंने आरंभिक शिक्षा टिफ़लिस के गुरुकुल में प्राप्त की थी, किंतु बाद में पढ़ाई छोड़कर रोजी-रोटी कमाने में लग गए।
1890 में तूमानियान की पद्य एवं गद्य रचनाओं का पहला संकलन मास्को में प्रकाशित हुआ था। तूमानियान का रचनात्मक साहित्य आर्मेनियावासियों की गौरव निधि है। आपकी कविताएं 'अनुष', 'अहतमार', 'परवाना', 'त्मकाबर्दा की विजय', 'मारो', 'डेविड सास्नुस्की' बहुत ही लोकप्रिय हैं और उन्हें आर्मेनियावासी ही नहीं बल्कि सोवियत लोग भी पसंद करते हैं।
तूमानियान ने बच्चों के लिए भी लिखा था। ये रचनाएं अपनी सहजता व प्रवाहमयी भाषा के लिए प्रसिद्ध हैं। आपकी रचनात्मक कृतियों का अनुवाद प्रचुर मात्रा में हुआ है।