Hazrat Rabia al-Basri / हज़रत राबिया अल-बसरी
राबिया अल-अदविया अल-क़ैसिया (714 - 801 ई.) प्रसिद्ध मुस्लिम संत और सूफी फकीर थीं। वह दुनिया भर में हज़रत बीबी राबिया बसरी, राबिया अल बसरी या केवल राबिया बसरी के नाम से जानी जाती हैं।
राबिया के जीवन का आरंभिक वर्णन मुख्य रूप से प्रसिद्ध सूफी संत और कवि फ़रीदुद्दीन अत्तार के संकलनों में मिलता है। उन्होंने स्वयं अपने जीवन पर कोई लिखित कृति नहीं छोड़ी। वह अपने परिवार की चौथी बेटी थीं, इसी कारण उनका नाम 'रबीआ' पड़ा, जिसका अर्थ होता है "चौथा"।
हज़रत राबिया की दरगाह येरुशलम (यरूशलम) के निकट स्थित है, जहाँ आज भी श्रद्धालु और आध्यात्मिक राह के मुसाफिर अपनी श्रद्धा के फूल अर्पित करते हैं।
Rābiʿa al-ʿAdawiyya al-Qaysiyya (714/717/718 — 801 CE) was an Arab Sunni Muslim saint and Sufi mystic. She is known in some parts of the world as Hazrat Bibi Rabia Basri, Rabia Al Basri or simply Rabia Basri.