Hari Krishna Kaul / हरिकृष्ण कौल
हरिकृष्ण कौल (२२ जुलाई १९३४ - १५ जनवरी २००९) कश्मीरी भाषा के विख्यात साहित्यकार हैं। उनका जन्म श्रीनगर में हुआ था। कश्मीर विश्वविद्यालय से उन्होंने एम.फिल. किया। उनकी प्रकाशित रचनाओं में कश्मीरी में तीन कहानी-संग्रह - 'पत लारान पर्वत' (१९७२), 'हालस छू रोतुल' तथा 'यथ राज़दाने' शामिल हैं। 'यथ राज़दाने' पर उन्हें साहित्य अकादमी का पुरस्कार भी प्राप्त हुआ। हिन्दी में उनके तीन कहानी-संग्रह - 'इस हम्माम में', 'टोकरी भर धूप' और 'अरथी' तथा आलोचनात्मक कृति 'फणीश्वरनाथ रेणु की कहानियाँ - शिल्प और सार्थकता' प्रकाशित हैं।