Bhubaneswar Behera भुवनेश्वर बेहेरा
भुवनेश्वर बेहेरा (1 जनवरी, 1916-16 अप्रैल 2001) का जन्म कालाहाँडी, ओड़िशा में हुआ। वे सिविल इंजीनियर के रूप में ओड़िशा के हीराकुड बाँध परियोजना के निर्माण से जुड़े रहे। उन्होंने बुर्ला इंजीनियरिंग कॉलेज में प्राध्यापक एवं अध्यक्ष, रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज, राउरकेला के अध्यक्ष का कार्यभार सँभाला। वे संबलपुर विश्वविद्यालय के कुलपति रहे और संघ लोक सेवा आयोग, नई दिल्ली के सदस्य भी बने। प्रोफेसर बेहेरा ने कुल आठ पुस्तकें लिखीं, जिनमें कहानी—संग्रह, निबंध, यात्रा—वृत्तांत और आत्मकथा शामिल हैं। ओड़िया साहित्य को उनके योगदान के लिए उन्हें ‘ओड़िशा साहित्य अकादेमी पुरस्कार’, ‘सारला सम्मान’ और ‘उत्कल रत्न’ आदि से सम्मानित किया गया है।
