अहमद जावेद (1945 - 2017) पाकिस्तान के प्रसिद्ध कहानीकारों में शामिल हैं, वह राजनीतिक उत्पीड़न के परिवेश में प्रतीकात्मक ढंग की कहानियां लिखने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने 1970 के दशक में कथा लेखन शुरू किया था। उनके लेखन ने उर्दू कथा साहित्य को गरिमा प्रदान की। यह वह समय था जब पाकिस्तान का विभाजन हो चुका था। उसके बाद के समय में हमारे समाज के सामाजिक और राजनीतिक मूल्यों पर नकारात्मक प्रभाव देखने को मिला। अहमद जावेद ने दमन और घुटन के माहौल में लेखन किया और अपने लेखन में जन भावनाओं को उभारा। उन्होंने अपने उपन्यासों में भेड़िया, कबूतर, बिल्ली, चूहा आदि जानवरों के प्रतीकात्मक चरित्रों को दर्शाया और उनके माध्यम से जन भावनाओं को व्यक्त किया। उर्दू कथा साहित्य में उनका प्रभाव लंबे समय तक बना रहेगा। यह लेख अहमद जावेद के कथा साहित्य के उन पहलुओं पर केंद्रित है।