मिलजुल कर रहो (बाल-कहानी) : जयचन्द प्रजापति 'जय'

Miljul Kar Raho (Hindi Children Story) : Jaychand Prajapati 'Jay'

एक दिन आलू, मिर्च, टमाटर, पालक और बैगन आपस में झगड़ा करने लगे।

टमाटर बोला, "मैं सबसे बड़ा हूँ क्योंकि मेरी वजह से सब्ज़ी का स्वाद बनता है।"

आलू बोला, "नहीं, मैं सबसे बड़ा हूँ, क्योंकि मेरे बिना कोई सब्ज़ी सही नहीं बनती।"

मिर्च ने कहा, "मेरे बिना सब्ज़ी में मसाला कहाँ होगा?"

पालक और बैगन भी अपने-अपने गुण बताने लगे।

झगड़ा बढ़ता ही जा रहा था। तभी वहां बुजुर्ग कटहल आया और हँसते हुए बोला, "अरे बच्चों, तुम लोग क्यों लड़ते हो? कोई बड़ा या छोटा नहीं होता यहाँ। जब सारे एक साथ मिलकर सब्ज़ी बनाते हैं, तभी उसका असली स्वाद आता है। अगर कोई अकेला सब्ज़ी बनेगा तो स्वाद अच्छा नहीं आएगा। मिलजुल कर रहने में ही असली मजा है।"

सभी सब्ज़ियाँ समझ गईं कि मिलकर ही सब कुछ सुंदर और स्वादिष्ट बनता है। सब्जियों ने कहा कि हम सबको आपस में नहीं लड़ना चाहिए। आपस में लड़ने से सभी का अपना अपना स्वाद खत्म हो जायेगा।

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