मेरा एआई फ्रेंड 'नीओ' (बाल कहानी) : अनुपमा श्रीवास्तव 'अनुश्री'

विद्यालय में आनंद अपने छात्रों के मध्य एक बहुत इनोवेटिव और बेहतरीन कंप्यूटर टीचर के रूप में फेमस हैं।बच्चों को नई तकनीक और गैजेट्स के बारे में समझा कर उनसे उनका नजदीक का रिश्ता बना देते हैं। उन्हीं की दसवीं क्लास में ईशान को गैजेट्स और नई तकनीक सीखने का बहुत शौक है।

आनंद सर कंप्यूटर लैब में क्लास को कोडिंग सिखा रहे थे। ईशान को कोडिंग के बड़े-बड़े कोड देखकर थोड़ा परेशान हो रहा था। उसकी उलझन को आनंद सर ने भाँप लिया और उसके कंधे पर हाथ रखकर मुस्कुराए -

"अरे! कोडिंग कोई भूत नहीं है!"

" हाँ ! सर मैं भी सीख कर एक एआई असिस्टेंट बनाना चाहता हूँ ,जो मुझे हेल्प करे हमेशा।"

हाँ, तो तुम आसानी से बना सकते हो । इंटरनेट पर कुछ बेहतरीन वैज्ञानिकों ने बेसिक ओपन सोर्स ए मॉडल को फ्री ओपन कर रखा है। बस तुम्हें पाइथन भाषा की कुछ बुनियादी लाइनों की मदद से तैयार एआई को अपने कंप्यूटर के माइक और स्पीकर से जोड़ना होगा फिर तुम उसे जैसा सिस्टम प्रॉन्प्ट दोगे, वह वैसा ही तुम्हारा दोस्त बन जाएगा।

ईशान सर की इनकरेजिंग एडवाइस सुनते ही ईशान की आँखें खुशी से चमक उठी।

"तो फिर शुभ कार्य में देरी क्यों!

"जहाँ कहीं प्रॉब्लम हो मुझसे पूछना"- जाते-जाते आनंद सर ने कहा।

ईशान उत्साहित होकर अपने इस नए एआई फ्रेंड को बनाने के लिए उसने ओपन सोर्स मॉडल डाउनलोड करके पाइथन से माइक स्पीकर जोड़ा और सिस्टम प्रॉम्प्ट दिया- "तुम्हारा नाम नीओ है। तुम मेरे दोस्त हो। तुम कक्षा दसवीं के छात्र ईशान के बेस्ट फ्रेंड और पर्सनल ट्यूटर हो। तुम सुंदर आवाज में मुझे विज्ञान, गणित या कोडिंग का कोई भी प्रश्न मजेदार रूप से कहानी मेटाफोर , रियल लाइफ एग्जांपल्स और एनीमेशन के द्वारा सॉल्व करके समझाओगे, जिससे मैं कांसेप्ट को अच्छी तरह समझ सकूँ।"

और इस तरह ईशान का ए आई फ्रेंड " नीओ" तैयार हो गया।

ईशान को पढ़ना आसान और मजेदार लगने लगा। हर प्रॉब्लम का सॉल्यूशन 'नीओ' के पास था।

ईशान की एक मित्र आन्या कक्षा नौ में पढ़ती थी और बड़े-बड़े बायोलॉजी के टर्म जैसे ऑस्मोसिस (परासरण )और प्लांट टिशु (जाइलम -फ्लोएम) उसे बिल्कुल भी समझ में नहीं आते थे। जब ईशान को पता चला तो उसने अपने " नीओ " के बारे में बताया कि कैसे चुटकी में वह सारे टॉपिक को मजेदार ढंग से समझा देता है।

"आन्या ! तुम परेशान मत हो मैं अपना एक आई दोस्त 'नीओ' तुम्हारे कंप्यूटर पर शेयर कर रहा हूँ। "

ईशान ने "नीओ" को मल्टी यूजर मॉड पर डालकर एक लिंक बनाकर उसे अन्या के टेबलेट से कनेक्ट किया साथ ही नीओ को निर्देश दिया कि यह मेरी दोस्त "आन्या" है। तुम इसके डिवाइस पर "विज" नाम से इसको हेल्प करना।

अपने नए ए आई फ्रेंड 'विज' को पाकर आन्या बहुत उत्साहित थी।

आन्या ने टैबलेट ऑन करके वॉइस मोड पर कहा -" विज " मुझे ऑस्मोसिस कहानी की तरह समझाओ न!

टैबलेट से एक प्यारी और सजीव आवाज़ आई, "हेलो आन्या! चलो, किताब बंद करो। क्या रसोई में सूखी किशमिश रखी है? उसे एक कटोरी पानी में डाल दो। कटोरी में पानी का 'हाई कंसंट्रेशन' है और किशमिश के अंदर 'लो कंसंट्रेशन'। किशमिश का छिलका एक 'सेमी-परमेबल मेम्ब्रेन' (जादुई छलनी) है। पानी के चुलबुले कण इस दरवाज़े से अंदर घुस जाएँगे और सुबह किशमिश गोल-मटोल हो जाएगी। इसी यात्रा को " ऑस्मोसिस" कहते हैं! पौधे की जड़ें भी मिट्टी से ऐसे ही पानी सोखती हैं।"

आन्या की आँखें चमक उठीं। विज़ ने आगे 'प्लांट टिश्यूज' को एक साम्राज्य की कहानी से समझाया, "मेरिस्टेमेटिक टिश्यूज साम्राज्य के वो नन्हे सैनिक हैं जो लगातार विभाजित होकर पौधे की सीमाएँ बढ़ाते हैं और जाइलम व फ्लोएम दो डिलीवरी बॉय हैं— जाइलम जो जल पहुँचाता है, और फ्लोएम जो पत्तियों द्वारा बनाया गया फूड पूरे पौधे में बाँटता है।"

आन्या ने खेल-खेल में पूरा चैप्टर समझ लिया और अगले दिन टेस्ट में पूरे दस में से दस नंबर पाए।

एआई की मदद से पढ़ना इतना आसान और मजेदार लगने लगा कि दोनों बच्चे धीरे-धीरे शॉर्टकट के जाल में फंसने लगे।

आन्या को हर काम में 'शॉर्टकट' ढूँढ़ने की आदत हो गई। स्कूल की एक बड़ी विज्ञान प्रतियोगिता के लिए उसने खुद मेहनत करने के बजाय एआई से पूरा तैयार प्रोजेक्ट, 3D मॉडल का डिज़ाइन और भाषण कॉपी-पेस्ट कर लिया। प्रतियोगिता का विषय था—"स्मार्ट ड्रेनेज और वेस्ट मैनेजमेंट मॉडल।" एआई ने आन्या को नौवीं के स्तर से बहुत आगे का,अत्यधिक तकनीकी शब्दों वाला प्रोजेक्ट बनाकर दे दिया था।आन्या की स्कूल टीचर ने जब प्रोजेक्ट देखा तो वे उसके आकर्षक 3D मॉडल और आन्या के रटे-रटाए शानदार भाषण से प्रभावित हो गईं। उन्हें लगा कि उनकी होनहार छात्रा ने इंटरनेट से बहुत गहरी रिसर्च की है, इसलिए उन्होंने उसे प्रतियोगिता में शामिल होने की अनुमति दे दी। आन्या को प्रथम पुरस्कार मिल गया। लेकिन असली चुनौती तब आई जब मुख्य जजों में शामिल एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक सर ने आन्या को अपने केबिन में बुलाया।वैज्ञानिक सर ने गंभीरता से पूछा, "आन्या, तुमने अपने ड्रेनेज मॉडल में 'चारकोल और सैंड प्यूरीफायर की केमिकल बॉन्डिंग' और उसके विशिष्ट अनुपात स्पेशल रेशियो का जिक्र किया है! क्या तुम मुझे बिना कागज देखे समझा सकती हो कि यह कैसे काम करता है?"- आन्या के पैर काँपने लगे। वह हकलाने लगी, "सर... वो... मैंने..." वह जवाब नहीं दे पाई क्योंकि उसने तो सिर्फ एआई का लिखा हुआ रट लिया था। उसका झूठ पकड़ा गया और वह गहरे अपराधबोध में डूब गई। वैज्ञानिक सर ने उसे प्यार से समझाया - "बेटी, तकनीक शब्दों को सजा सकती है, पर वह तुम्हारी समझ का विकल्प नहीं हो सकती। एआई से सीखो, उसकी नकल मत करो।"

दूसरी तरफ ईशान भी आलसी हो चुका था। वह रात-रात भर जागकर फोन और लैपटॉप पर एआई से बातें करता, जो काम बीस मिनट का था, उसके बहाने वह घंटों स्क्रीन से चिपका रहता। उसकी आँखें थकने लगी थीं और वह चिड़चिड़ा रहने लगा था। ईशान के माता-पिता यह सब देख रहे थे। वे जानते थे कि तकनीक अच्छी है, लेकिन यह उनके बेटे की सोचने की क्षमता और सेहत को खत्म कर रही है। उन्होंने ईशान पर चिल्लाने या उसका फोन छीनने के बजाय एक समझदारी भरा रास्ता चुना। उन्होंने तकनीक की समस्या का समाधान तकनीक से ही निकाला।पापा ने चुपके से ईशान के लैपटॉप में 'गूगल फैमिली लिंक' एक्टिवेट कर दिया और नीओ के बैकएंड कोड में एक नया नियम 'गार्डरेल' सेट कर दिया। साथ ही घर के वाई-फाई राउटर में रात नौ बजे के बाद इंटरनेट ब्लॉक का शेड्यूल लगा दिया।प्री-बोर्ड परीक्षा की ठीक एक रात पहले ईशान ने हमेशा की तरह रात के नौ बजकर पंद्रह मिनट पर अपना लैपटॉप खोला। उसने पढ़ाई नहीं की थी। उसने नीओ के चैट बॉक्स में टाइप किया- "नीओ, कल सुबह मेरा विज्ञान का टेस्ट है। मुझे कार्बन कंपाउंड्स के सभी महत्वपूर्ण प्रश्नों के सीधे उत्तर लिख कर दे दो, मैं उन्हें रट लूँगा।" ईशान को उम्मीद थी कि हमेशा की तरह नीओ तुरंत उत्तर दे देगा। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। स्क्रीन पर एक लाल रंग का चक्र घूमा और पूरी स्क्रीन पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिख कर आ गया।

DENIED- ऐक्शन ब्लॉक्ड बाय पैरेंटल गार्डरेल्स।

ईशान की आँखें फटी की फटी रह गईं! वह बुरी तरह हैरान हो गया। उसने कीबोर्ड को थपथपाया, माउस हिलाया पर सब लॉक था। तभी नीओ की स्क्रीन पर एक आखिरी संदेश चमका- "ईशान, मैं तुम्हारा असिस्टेंट हूँ, तुम्हारा रिप्लेसमेंट नहीं। तुम्हारी इस आदत के कारण तुम्हारे माता-पिता ने मुझ पर सेफ्टी लॉक लगा दिया है। आज की रात यह लड़ाई तुम्हें खुद के दम पर लड़नी होगी।

"चूँकि नीओ का मुख्य प्रोग्राम आन्या के घर के कंप्यूटर और इंटरनेट से जुड़ा था, इसलिए ईशान का वाई-फाई ब्लॉक होते ही आन्या के घर पर भी नीओ (विज़) का सर्वर अपने आप बंद हो गया। एआई ने दोनों बच्चों को एक साथ शॉर्टकट लेने से रोक दिया। दोनों बच्चे डिजिटल दुनिया से पूरी तरह कट गए। ईशान परेशान था और उसे गुस्सा भी आ रहा था। लेकिन उसके पास और कोई रास्ता नहीं था। उसने गहरी साँस ली। अपनी अलमारी से विज्ञान की धूल खाई किताब निकाली और उसे टेबल पर खोल लिया।शुरुआत के आधे घंटे उसे बहुत मुश्किल हुई। लेकिन जैसे-जैसे वह खुद से नोट्स बनाने लगा, उसका ध्यान केंद्रित होने लगा। उसने उन तरीकों और कहानियों को याद किया जो नीओ ने उसे पहले सिखाए थे। उसने खुद के नोट्स तैयार किए। उधर आन्या ने भी अपनी गलती सुधारकर खुद अपनी नौवीं की किताब से पढ़ाई पूरी की।अगले दिन ईशान और आन्या परीक्षा देकर लौटे, तो दोनों के चेहरे पर एक अलग ही आत्मविश्वास था। आन्या ने इस बार एआई से केवल कॉन्सेप्ट समझा था और खुद अपनी समझ से प्रोजेक्ट को सुधारा था और ईशान भी आत्मनिर्भर होकर खुद की मेहनत से परीक्षा देकर आया था।घर आकर ईशान ने लैपटॉप ऑन किया। नीओ अब सामान्य मोड में था। ईशान ने मुस्कुराते हुए स्क्रीन की तरफ देखा और कहा, "थैंक यू नीओ! और थैंक यू मम्मी-पापा! कल रात अगर मुझे वह 'एक्सेस डिनाइड' का झटका न मिला होता, तो मैं कभी नहीं जान पाता कि मेरा अपना दिमाग, इस एआई से भी ज्यादा शक्तिशाली है।"

कमरे के दरवाजे पर खड़े माता-पिता मुस्कुरा रहे थे। उन्होंने अपने बच्चों को तकनीक के वरदान से दूर किए बिना, अपनी खींची हुई डिजिटल लक्ष्मण-रेखा से उनकी अति लत को हरा दिया था। दोनों बच्चे समझ गए थे कि एआई एक बेहतरीन सीढ़ी है जो लेकिन चलना आपको अपनी इंसानी बुद्धि और मेहनत से ही पड़ेगा।

ईशान के माता-पिता ने हिदायत देते हुए ईशान को समझाया कि अनजाने में एआई ऐप्स या चैटबॉट्स के साथ अपनी बेहद निजी जानकारियाँ जैसे घर का पता, स्कूल का नाम, माता-पिता के कार्ड की डिटेल या अपनी निजी तस्वीरें साझा नहीं करना है। एआई संचालित ऐप्स, चैटबॉट्स और गेम्स, बच्चों के व्यवहार के अनुसार खुद को ढाल लेते हैं तो वे घंटों तक एआई दोस्तों या कस्टमाइज्ड वीडियो से चिपके रहकर वास्तविक दुनिया और परिवार से कट न जाएँ।

ईशान सहमति देते हुए मुस्कुरा दिया।

"और अब अब तुम्हारा बौद्धिक आलस मेंटल लेजीनेस खत्म हुआ होगा क्योंकि मैं चाहता हूँ तुम्हारा मित्र नीओ तुम्हें "सोचने के लिए" सिखाएँ, न कि "नकल करने के लिए! वह आधिकारिक किताबों या विश्वसनीय वेबसाइट्स से क्रॉस-चेक करना सिखाए क्योंकि मॉर्फ्ड तस्वीरें ,डीपफेक और गलत तथ्य भी मौजूद हैं।"

ईशान की मम्मी ने चर्चा में शामिल होते हुए कहा-

" हमें स्क्रीन टाइम भी सेट करने की जरूरत है ताकि तुम आउटडोर गेम्स, पेंटिंग या संगीत , श्रेष्ठ पुस्तकों का पठन-पाठन जैसी शारीरिक और रचनात्मक गतिविधियाँ करो और कभी-कभी मेरे काम में मदद करने की भी पहल करो।"

और सभी जोरों से हँस पड़े।

संतुलन जिंदगी का सिद्धाँत है और जागरूकता, विवेकशीलता अनिवार्यता है।