व्लादीमिर कोरोलेन्को (1853-1921) 19वीं शताब्दी के अन्त और 20वीं शताब्दी के आरम्भ के प्रमुख यथार्थवादी लेखक और अपने समय के सर्वाधिक मनमोहक व्यक्ति थे। कोरोलेन्को को अपना पहला गुरु बताते हुए सर्वहारा लेखक मक्सिम गोर्की ने लिखा है - "मेरे लिए कोरोलेन्को उन सैकड़ों लोगों में सबसे श्रेष्ठ बने रहे हैं जिनसे मेरी भेंट हुई है और मैं उन्हें रूसी लेखक का आदर्श रूप मानता हूँ।" कोरोलेन्को कहानियाँ और लघु-उपन्यास, आधी शती के रूसी जीवन के इतिवृत के रूप में अनेक खण्डोंवाला ‘मेरे समकालीन का इतिहास’, ज़ारशाही द्वारा साइबेरिया में निर्वासित होने पर वहाँ बिताये गये जीवन के शब्दचित्र, लेव तोल्स्तोय और अन्तोन चेख़व आदि के बारे में संस्मरण (लगभग 700 लेख, पत्र, शब्दचित्र और टिप्पणियाँ) साहित्यिक थाती के रूप में छोड़ गये हैं।