उण्णिकृष्णन मनक्कल
(Unnikrishnan Manakkal)
उण्णिकृष्णन मनक्कल सुपरिचित लेखक एवं अनुवादक हैं। उनका उपन्यास ‘पंतिरूकुलत्तिंटे अम्मा’ (बारह कुलों की माता) प्रकाशित हुआ है। उन्होंने ‘अखंड ज्योति मासिका’ (मलयालम एडिशन) के लिए खंडशः अनुवाद किया है। उनकी अनेकानेक लघु-कथाएँ और कविताएँ विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। संप्रति वे हाई स्कूल हिंदी अध्यापक पद से सेवानिवृत्त हैं।