Umashankar Joshi / उमाशंकर जोशी
उमाशंकर जोशी (जन्म: 21 जुलाई, 1911 - मृत्यु: 19 दिसम्बर, 1988) गुजराती साहित्यकार हैं। इन्हें 1967 में ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इनके द्वारा रचित समालोचना कविनी श्रद्धा के लिए इन्हें सन् 1973 में साहित्य अकादमी पुरस्कार (गुजराती) से सम्मानित किया गया। इनका उपनाम 'वासुकी' है।
उमाशंकर जोशी की प्रमुख कृतियाँ हैं - काव्य ग्रंथ: विश्वशांति (6 खंडों में), गंगोत्री, निशीथ, गुलेपोलांड, प्राचीना, आतिथ्य और वसंत वर्ष, महाप्रस्थान; एकांकी: अभिज्ञा; कहानी: सापनाभरा, शहीद; कहानी-संग्रह / उपन्यास: श्रावणी मेणो, विसामो; निबंध: पारंकाजण्या; संपादन: गोष्ठी, उघाड़ीबारी, क्लांतकवि, म्हारासॉनेट, स्वप्नप्रयाण।
'विश्वशांति' में अहिंसा और शांति के लिए किए गए गांधीजी के प्रयत्नों की महिमा का वर्णन है। इसे गुजराती काव्य में नए युग का प्रवर्तक माना जाता है।