Srivalli Radhika / श्रीवल्ली राधिका
श्रीवल्ली राधिका (२७ जुलाई १९६९ - ) तेलुगु की प्रख्यात कवयित्री, कहानीकार और उपन्यासकार हैं। आपकी शैक्षणिक योग्यता एम.टेक. (डिजिटल सिस्टम्स एंड कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक्स) है।
आपकी प्रमुख प्रकाशित कृतियों में कहानी-संग्रह — 'महार्णवं', 'आलोचना अमृतम', 'स्वयं प्रकाशम्', 'तक्कुवेमी मनकू'; कविता-संग्रह — 'रेवु चूडनि नावा', 'कैवल्यम'; उपन्यास — 'ओकरिकोकरु', 'इंद्र धनुस्सु' तथा लघु उपन्यास — 'आमे नडिचे दारिलो' शामिल हैं।
साहित्यिक योगदान के लिए आपको दिल्ली की "कथा" संस्था का राष्ट्रीय पुरस्कार, भारतीय भाषा परिषद् (कोलकाता) का युवा पुरस्कार और तेलुगु विश्वविद्यालय (हैदराबाद) का कीर्ति पुरस्कार प्राप्त हुआ है।