Sachidananda Routray / सच्चिदानंद राउतराय
सच्चिदानंद राउतराय ओड़िया साहित्य के मूर्धन्य साहित्यकार हैं। इनके द्वारा रचित कविता-संग्रह 'कविता-1962' के लिए उन्हें सन् 1963 में साहित्य अकादमी पुरस्कार (ओड़िया) से सम्मानित किया गया। ओड़िया साहित्य में उत्कृष्ट योगदान हेतु उन्हें सन् 1986 में देश के सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान 'ज्ञानपीठ पुरस्कार' से अलंकृत किया गया था।
स्वाधीनता संग्राम सहित अनेक जन-आंदोलनों में सक्रिय रूप से भाग लेने के कारण उन्हें कई बार जेल-यात्रा भी करनी पड़ी। स्नातक की शिक्षा पूर्ण करने के उपरांत उन्होंने लगभग बीस वर्षों तक कोलकाता में नौकरी की और तत्पश्चात कटक को अपना स्थायी निवास स्थान बनाया।