Pundalik Naik / पुंडलिक नायक

पुंडलिक नायक सुप्रसिद्ध कोंकणी नाटककार हैं। उनका जन्म गोवा के वळवय गाँव में हुआ। कुछ समय तक शिक्षक रहे, उसके बाद पणजी आकाशवाणी में सहसंपादक और सहायक संपादक भी रहे। फिर नौकरी छोड़ पूरा समय लेखन को समर्पित कर दिया। वर्ष १९८५ में हुए गोवा के राज्यभाषा आंदोलन का नेतृत्व सफलता से किया। उनकी 'चौरंग' एकांकिका को १९८४ में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वे संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, गोमंत शारदा और कई राष्ट्रीय तथा राज्य पुरस्कारों से सम्मानित हो चुके हैं। इनकी कुल ८५ किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। ये कोंकणी साहित्य के सर्वश्रेष्ठ लेखकों में से एक हैं।

Pundalik Naik / पुंडलिक नायक

पुंडलिक नायक - कोंकणी कहानियाँ हिन्दी में

Pundalik Naik - Konkani stories in Hindi