Navtej Singh नवतेज सिंह

नवतेज सिंह (1925-1981) पंजाबी कहानी के एक सशक्त कथाकार हैं। मनोविज्ञान में एम.ए. तक की शिक्षा ग्रहण कर अपने पिता गुरबख्श सिंह की तरह ही इस लेखक ने पंजाबी साहित्य को कई यादगार कहानियाँ दीं। पिता के बाद पंजाबी की 'प्रीतलड़ी' साहित्यिक पत्रिका का संपादक के तौर पर काम देखते रहे। इस पत्रिका में इनका नियमित छ्पने वाला स्तंभ 'मेरी धरती, मेरे लोग' काफ़ी चर्चित रहा। एक पत्रकार के रूप में सन् 1977 में पंजाब सरकार के शिरामणी पत्रकार अवार्ड से आप सम्मानित भी हुए। 'देश-वापसी'(1955), 'नवीं रुत'(1958), 'बासमती की महिक'(1960), चानण दे बीज'(1962) और 'भाइयां बाझ'(1974) इनके प्रमुख कहानी संग्रह हैं।

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