Miguel Ángel Asturias Rosales
माइगुएल एंजल आस्तुरियस रोसालेस

माइगुएल एंजल आस्तुरियस (१९ अक्टूबर १८९९ - ९ जून, १९७४) ग्वाटेमाला के कवि और उपन्यासकार थे। १९६७ ई० में उन्हें साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनका जन्म ग्वाटेमाला में हुआ था। उनका घर समृद्ध था। पिता मजिस्ट्रेट थे और माता स्कूल में अध्यापिका थीं। उस समय तानाशाही के विरुद्ध आंदोलन का आरंभ हो चुका था और १९०२ तथा १९०३ ईस्वी में छात्रों ने भी विरोध में भाग लिया था। एक मजिस्ट्रेट होने के नाते माइगुएल आस्तुरियस के पिता को उन पर कठोर कार्यवाही करनी थी, परंतु उन्होंने ऐसा नहीं किया। अतः उन्हें आंदोलन का समर्थक मानकर नौकरी से हटा दिया गया। उनकी मां की नौकरी भी समाप्त कर दी गयी। इसके बाद उनका परिवार ग्वाटेमाला से सलामा गाँव में दादा के पास चला गया, जहाँ उनकी पैतृक जमीन थी।

रचनात्मक परिचय - आस्तुरियस ने १९२५ ई० में साहित्य-रचना काव्य-लेखन से आरंभ की और बाद में उपन्यास के क्षेत्र में आ गये। उनका उपन्यास द प्रेजिडेंट १९४६ ई० में प्रकाशित हुआ। इस पुस्तक में उन्होंने अपने पूर्व अनुभवों द्वारा लैटिन अमेरिका के तानाशाहों की भर्त्सना की है। वस्तुतः लैटिन अमेरिकी देशों के तानाशाहों ने अनेक बार लोकतंत्र का गला घोंटने का यत्न किया था। आस्तुरियस सदा इसके विरोध में लिखते रहे।

प्रमुख प्रकाशित पुस्तकें - द प्रेजीडेण्ट (१९४६), मैन ऑफ कार्न, स्ट्रांग विण्ड, द ग्रीन पोप।

माइगुएल एंजल आस्तुरियस रोसालेस (Miguel Ángel Asturias Rosales)

माइगुएल एंजल आस्तुरियस रोसालेस - स्पेनिश कहानियां हिन्दी में
Miguel Ángel Asturias Rosales - Spanish Stories in Hindi