Lakshman Gaikwad / लक्ष्मण गायकवाड़

अब तक सात उपन्यास लिख चुके लक्ष्मण मारुति गायकवाड़ महज मैट्रिक पास हैं और महाराष्ट्र के एक ऐसे आदिवासी समुदाय से आते हैं, जिसे ब्रिटिश सरकार ने ‘क्रिमिनल ट्राइब्स’ घोषित कर रखा था। लातूर जिले के धनेगाँव में जनमे लक्ष्मण को उनके पहले उपन्यास ‘उचल्या’ (उचक्का) ने ही विश्व साहित्य में प्रतिष्ठित कर दिया। इसके लिए उन्हें साहित्य अकादमी सहित अनेक पुरस्कार और सम्मान मिले। अब तक उनके सात उपन्यास प्रकाशित हो चुके हैं। लक्ष्मण का लेखन मूलतः महाराष्ट्र के घुमंतू आदिवासी समुदायों के मानवाधिकारों की बहाली के लिए है, जिसकी लड़ाई वे समाज के मोरचे पर भी कर रहे हैं—लेखन से भी और संगठन बनाकर भी। संप्रति वे साहित्य अकादमी के संयोजक और ‘अखिल भारतीय विमुक्त घुमंतू आदिवासी महासंघ’ के अध्यक्ष हैं।

Lakshman Gaikwad / लक्ष्मण गायकवाड़

Lakshman Gaikwad - Stories in Hindi

लक्ष्मण गायकवाड़ की कहानियाँ हिन्दी में