Dr. Krishna Chandra Tudu / डॉ. कृष्ण चंद्र टुडू
आम तौर पर केसी टुडू के नाम से ख्यात डॉ. टुडू संताली भाषा के सशक्त और समर्थ लेखक हैं। सन् 1980 से ये जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग, राँची विश्वविद्यालय में अध्यापन कार्य कर रहे हैं और संप्रति विभागाध्यक्ष हैं। इनकी चर्चित कहानियों में 'साकोम' (चूड़ी), 'मितबिसा हासा' (एक बित्ता जमीन), 'मुचात विनिड़' (अंतिम परीक्षा), 'पे फुडू सासांग' (तीन दोना हल्दी), 'सिमदोयोत बाहा' (मुरगे की कलगी) प्रमुख हैं। कविताओं के तीन संग्रह, नाटक के दो और भाषाविज्ञान व पुरखौती साहित्य पर तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। प्रकाशित कथा-संग्रह कोई नहीं है, लेकिन साहित्यिक लिहाज से कहानियों की चर्चा ज्यादा हुई है। नाटकों को भी खूब लोकप्रियता मिली है। इनके कई लेख संताली, हिंदी और अंग्रेजी में प्रकाशित हैं।