Bjørnstjerne Martinius Bjørnson - ब्यर्नख़्वेर्ने मार्टिनियस ब्यर्नसॉन

ब्यर्नख़्वेर्ने ब्यर्नसॉन (8 दिसंबर 1832 - 26 अप्रैल 1910) नॉर्वेजियन लेखक थे जिन्हें 1903 में नोबेल पुरस्कार मिला था। सन् 1903 में स्वीडिश अकादेमी ने इन्हें नोबेल पुरस्कार देते हुए कहा था, "एक कवि के रूप में उन्होंने जो आदर्श, उच्च, भव्य एवं बहुमुखी कार्य किया है और जो प्रेरणा की ताजगी तथा आत्मा की शुद्धता, दोनों ही दृष्टियों से अद्भुत एवं अपूर्व हैं, उनके इसी कार्य के सम्मान में यह पुरस्कार इन्हें दिया जा रहा है।" वह पहले नॉर्वेजियन नोबेल पुरस्कार विजेता, एक प्रखर नीतिशास्त्री थे और नॉर्वेजियन सार्वजनिक जीवन और स्कैंडिनेवियाई सांस्कृतिक बहस में बेहद प्रभावशाली थे। ब्योर्नसन को इबसेन, ली और कीलैंड के साथ नॉर्वे के चार महान लेखकों में से एक माना जाता है। उन्हें नॉर्वेजियन राष्ट्रगान, "जा, वि एल्स्कर डेटे लैंडेट" के लिए भी जाना जाता है।

प्रमुख कृतियाँ: 'सिन्नोवे सोल्वाकेन', 'आर्ने', 'ए हैप्पी ब्वाय', 'बिरवीन द बैटिल्स', 'फिशर मेडेन', 'लेम हुल्डा', 'द ग्रेट ट्रोलाजी', 'सिगर्ड द बैस्टर्ड', 'सिगर्ड जोलसरफर', 'द न्यूली मैरीड', 'ए बँक्रप्सी', 'मैरी स्टुअर्ट इन स्काटलैंड', 'आर्नल्जार', 'द किंग', 'बियान्ड अवर पावर्स' आदि।

ब्यर्नख़्वेर्ने मार्टिनियस ब्यर्नसॉन - Bjørnstjerne Bjørnson

ब्यर्नख़्वेर्ने ब्यर्नसॉन - नार्वेजियन रचनाएँ हिन्दी में
Bjørnstjerne Bjørnson - Norwegian Stories in Hindi