Ashokamitran / अशोकमित्रन
अशोकमित्रन (२२ सितंबर, १९३१ - २३ मार्च, २०१७; मूल नाम: जगदीस त्यागराजन) तमिल भाषा के प्रख्यात लेखक व उपन्यासकार थे। उनकी कृतियों में २०० लघु कथाएँ, ८ उपन्यास और १५ अन्य लंबी कथाएँ शामिल हैं। उनकी बहुत-सी लघु कथाएँ अंग्रेजी, हिंदी, मलयालम, तेलुगू और अन्य भाषाओं में अनूदित की गई हैं।
उन्हें वर्ष १९९६ में उनके लघु कथाओं के संग्रह 'अप्पाविन सिनेहिदर' के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार (तमिल) से सम्मानित किया गया था। वर्ष १९३१ में सिकंदराबाद में जन्मे अशोकमित्रन वर्ष १९५२ में चेन्नई चले गए, जिसके बाद वे तमिल साहित्य के एक प्रभावशाली साहित्यकार के रूप में उभरे। उनकी कहानियों में सामाजिक हास्य और व्यंग्य का पुट मिलता है और वे गरीब, असहाय तथा अत्याचार सहन करने वालों का खुला दर्पण हैं।
उनका लेखन यथार्थ जीवन को रूपायित करता है। वे तमिलनाडु सरकार की ओर से तीन बार पुरस्कृत हुए और साहित्य अकादमी ने भी उनकी रचना को सम्मानित किया। उन्हें १९९२ में 'दिल्ली मेमोरियल अवार्ड' तथा उनकी रचनाओं को 'के.के. बिरला पुरस्कार' प्राप्त हुआ। तुलनात्मक अध्ययन के लिए उन्हें फेलोशिप भी प्रदान की गई थी। १९६६ से १९८९ तक वह 'कलैआडी' पत्रिका के संपादक भी रहे। उनके उपन्यासों में 'अप्पाविन स्नेगदी', 'तन्नीर' एवं 'मानसरोवर' अत्यंत बहुचर्चित रहे हैं, और 'तन्नीर' का अंग्रेजी अनुवाद भी हुआ है।