Sarp Katha: Lok-Katha (Nagaland)

सर्प कथा: नागा लोक-कथा

('आओ' नागा कथा)

एक बार की बात है, अंगामी जनजाति की कन्या प्रतिदिन के समान खेत पर काम करने के लिए जा रही थी। मार्ग में उसे एक साँप मिला। साँप ने लड़की का रास्ता रोक लिया। अन्त में लड़की ने साँप को वचन दिया कि वह उससे विवाह करेगी यदि वह उसे जाने दे। तब साँप ने मार्ग छोड़ दिया।

कुछ समय पश्चात लड़की ने साँप से विवाह कर लिया। विवाह के पश्चात साँप ने उसे सीने में काट लिया, फलस्वरूप उसे सीने के आभूषण प्राप्त हुए, फिर साँप ने उसे पैर में डस लिया, इस प्रकार उस लड़की को बेंत के बने पैर के आभूषण प्राप्त हुए।

एक अन्य लड़की ने ये सब देखा, इसके पश्चात उसकी भी भेंट एक साँप से हुई। उसने लालच में आकर साँप से कहा, ' चलो हम विवाह करेंगे।' ऐसा कहकर उसने साँप को उठाया और अपनी डलिया में रख लिया पर साँप कुछ न बोला। साँप ने उसकी बाँह मे काट लिया। लड़की की बाँह सूज गयी और उसकी मृत्यु हो गई।

(सीमा रिज़वी)

 
 
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