Pahadon Ka Yuddh: New Zealand/Maori Folk Tale

पहाड़ों का युद्ध: न्यूजीलैंड/माओरी लोक-कथा

न्यूजीलैंड के माओरी आदिवासी मानते हैं कि पहाड़ भी कभी देवी-देवता हुआ करते थे और अकल्पनीय शक्ति से संपन्न थे। देश के उत्तरी द्वीप पर स्थित सात पहाड़ों का माओरी समाज में विशेष महत्व है।

उनके अनुसार, इन सात में से छह पहाड़ देवता थे, जबकि पिहंगा पहाड़ देवी। सभी छह देवता पिहंगा पर मोहित थे और एक दिन तय हुआ कि वे आपस में युद्ध कर तय करेंगे कि पिहंगा किसकी होगी। पहाड़ों के बीच यह युद्ध कई दिनों तक चला, जिसमें वे एक-दूसरे पर आग उगलते रहे। जलती चट्टानें आसमान में इधर से उधर उड़ती रहीं। इस महायुद्ध से धरती कांप उठी। अंतत: टोंगारिरो पर्वत विजेता रहा और अनंतकाल तक पिहंगा के बगल में उपस्थित होने का अधिकारी बना।

शेष पराजित पर्वतों से कहा गया कि वे रात भर में जितना दूर जा सकें, चले जाएं। दो पर्वत दक्षिण की ओर चले गए और दो पूर्व की ओर। वहीं तारानाकी पर्वत अपनी पराजय से सबसे ज्यादा दुखी था क्योंकि वही सबसे ज्यादा शिद्दत से पिहंगा को चाहता था। कुछ लोग तो यह भी मानते हैं कि तारानाकी और पिहंगा पति-पत्नी थे और टोंगारिरो ने पिहंगा को छीन लिया था। दुख, क्रोध व ग्लानि से कसमसाता तारानाकी जमीन में गहरी खाई बनाता हुआ दूर चला गया और समुद्र के किनारे जा खड़ा हुआ। पिहंगा के लिए बहाए गए उसके आंसू इस खाई में भर गए और नदी के रूप में बह निकले।

 
 
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