Asghar Wajahat
असग़र वजाहत

असग़र वजाहत (5 जुलाई,1946-) हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में मुख्यतः साठोत्तरी पीढ़ी के बाद के महत्त्वपूर्ण कहानीकार एवं सिद्धहस्त नाटककार के रूप में मान्य हैं। इन्होंने कहानी, नाटक, उपन्यास, यात्रा-वृत्तांत, फिल्म तथा चित्रकला आदि विभिन्न क्षेत्रों में महत्त्वपूर्ण रचनात्मक योगदान किया है। ये दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया में हिन्दी विभाग के अध्यक्ष रह चुके हैं। उनके कहानी संग्रह हैं: अँधेरे से, दिल्ली पहुँचना है, स्विमिंग पूल, सब कहाँ कुछ, मैं हिन्दू हूँ, मुश्किल काम (लघुकथा संग्रह), डेमोक्रेशिया, पिचासी कहानियाँ-प्रथम संस्करण- फरवरी 2015 तक की प्रायः सम्पूर्ण कहानियाँ, भीड़तंत्र (लघुकथा संग्रह)।

हिन्दी कहानियाँ और लघुकथाएँ : असग़र वजाहत

  • शाह आलम कैम्प की रूहें
  • मैं हिन्दू हूँ
  • तमाशे में डूबा हुआ देश
  • ज़ख़्म
  • केक
  • आठवां आश्चर्य
  • चार दिशाएं
  • गिरफ़्त
  • नाच
  • नया गणित
  • चन्द्रमा के देश में
  • दिल्ली पहुँचना है
  • हरिराम गुरू संवाद
  • सरगम-कोला
  • स्विमिंग पूल
  • मुर्गाबियों के शिकारी
  • तख्त़ी
  • मुर्दाबाद
  • विकसित देशों की पहचान
  • होज वाज पापा
  • ड्रेन में रहने वाली लड़कियाँ
  • लकड़ियाँ
  • सारी तालीमात
  • शीशों का मसीहा कोई नहीं
  • आदमी से आईएफएस हो जाने के बाद
  • बनना
  • राजधानी के नीचे
  • श्री टी.पी. देव की कहानियां
  • मुश्किल काम
  • आग
  • बंदर
  • राजा
  • योद्धा
  • चार हाथ
  • ज-1
  • ज-3
  • लिंचिंग
  • मंत्रालय
  • पहचान
  • साझा
  • शाहीन बाग़ की महिलाएं
  • तिल
  • ऊपर का आसमान
  • वीरता
  • ढांचा
  • खालू जान की पढ़ाई कैसे छूटी
  • धीरे से जाना बगियन में
  • जिम्मेवारी
  • पचहत्तर से ऊपर के हो गये क्रांतिवीर
  • उपन्यास : असग़र वजाहत

    Novels : Asghar Wajahat